डेस्क । एक अनूठी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्राथमिक स्कूल परिसर में दुर्लभ प्रजाति का सांप मिलने से हड़कंप मच गया। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित माखुरपानी के शासकीय प्राथमिक स्कूल में उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया, जब बच्चों के खेलते समय करीब 4 फीट लंबा एक बहुरंगी सांप स्कूल परिसर में आ धमका।


मासूमों में दहशत, शिक्षकों की मुस्तैदी
घटना के दौरान स्कूल परिसर में बच्चे खेल रहे थे। अचानक इतने लंबे और अजीब दिखने वाले सांप को सामने देख बच्चे घबरा गए और चिल्लाते हुए कक्षाओं की ओर भागे। शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित कमरों के भीतर किया और दरवाजे बंद कर दिए। सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया यह कदम किसी भी संभावित अनहोनी को टालने में मददगार साबित हुआ।
स्नेक कैचर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय स्नेक कैचर (सर्प मित्र) को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्नेक रेस्क्यूअर ने सूझबूझ और सावधानी के साथ करीब 4 फीट लंबे इस सांप को काबू में किया। रेस्क्यू के बाद इसे सुरक्षित तरीके से पास के गहरे जंगलों में छोड़ दिया गया, जिससे स्कूल स्टाफ, बच्चों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
क्या है ‘ब्रोंज बैक ट्री स्नेक’ की खासियत?
रेस्क्यू एक्सपर्ट्स के अनुसार, पकड़ा गया सांप ब्रोंज बैक ट्री स्नेक (Bronze-back Tree Snake) प्रजाति का है। इस सांप से जुड़ी प्रमुख बातें:
- रंग बदलने की अद्भुत क्षमता: यह सांप परिस्थितियों, खतरे के आभास या खुद को छिपाने (Camouflage) के लिए अपनी त्वचा का रंग और रूप बदलने में माहिर होता है। जब यह उत्तेजित या भयभीत होता है, तो इसकी रीढ़ की हड्डी के पास का रंग चमकने लगता है।
- पेड़ों पर रहने का स्वभाव: यह मुख्य रूप से पेड़ों और झाड़ियों पर रहने वाला सांप है। इसकी फुर्ती और संतुलन बेहद सटीक होता है।
- विषहीन (Non-Venomous): ब्रोंज बैक ट्री स्नेक इंसानों के लिए जानलेवा या जहरीला नहीं होता है। हालांकि, इसकी फुर्ती और अनोखे रंग-रूप के कारण लोग इसे देखकर भ्रमित और भयभीत हो जाते हैं।
पर्यावरण संतुलन और जागरूकता की जरूरत
कोरबा का यह इलाका वनांचल और जैव विविधता से समृद्ध माना जाता है। मानसून और उसके बाद के मौसम में अक्सर ऐसे जीव रिहायशी इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान सांप को देखने पर उसे मारने के बजाय स्नेक कैचर या वन विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित और सही कदम है।