डेस्क । छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में सफर की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। आम जनता को प्रदूषणमुक्त, आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यालय में चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड (अहमदाबाद) और संबंधित शहरों की अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसायटी के बीच महत्वपूर्ण करार होने जा रहा है। इस समझौते से प्रदेश के प्रमुख नगर निगमों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य स्थापना दिवस पर मिलेगा तोहफा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव के अनुसार, राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) के अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से बिलासपुर और भिलाई में 20-20 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रायपुर, कोरबा और अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी।
योजना के मुख्य बिंदु
- कुल ई-बसों की संख्या: इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
- शामिल प्रमुख शहर और नगर निगम: इस योजना के दायरे में रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बीरगांव और भिलाई-चरोदा के नगर निगम शामिल हैं।
- प्रमुख जनप्रतिनिधियों की भागीदारी: इस दिशा में हो रहे ऐतिहासिक करारों और बैठकों में रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर अलका बाघमार, रिसाली की महापौर शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर नीरज पाल, बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन और भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे सक्रिय रूप से शामिल हैं।
प्रदूषणमुक्त और सुगम सफर की ओर कदम
यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ के शहरों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और यात्रियों को एक आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

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