दिल्ली । राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर स्थितियां उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गईं, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर धरपकड़ अभियान चलाया। सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर देखने को मिली, जहाँ विमान के उतरते ही पुलिस ने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके शीर्ष सहयोगियों को फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया।
विमान के अंदर से नेताओं की नाटकीय गिरफ्तारी
मुंबई से दिल्ली पहुंची एयर इंडिया की उड़ान के रनवे पर उतरते ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान विमान के केबिन के भीतर दाखिल हुए। विमान के अंदर से ही सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी के समय विमान में काफी ड्रामा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अभिजीत दीपके पुलिसकर्मियों से सवाल करते दिखे, “आप विमान के अंदर कैसे आ गए? हमें गिरफ्तार कीजिए, हम डरने वाले नहीं हैं!” दीपके ने पुलिसिया कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों के लिए एक संदेश जारी कर आंदोलन को आगे जारी रखने की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे को सौंपी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली सील
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ और चुनाव मतदाता सूचियों में अनियमितताओं (SIR) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन (‘जंतर-मंतर 2.0’) का आह्वान किया था। हालांकि, सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए गए:
- सुरक्षा बलों की तैनाती: सीएपीएफ (CAPF) की 220 से अधिक कंपनियां और लगभग 38,000 सुरक्षाकर्मियों को पूरी दिल्ली में तैनात किया गया।
- परिवहन पर पाबंदी: लगभग 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए और नई दिल्ली की ओर आने वाली कई ट्रेनों और सार्वजनिक बसों की सघन चेकिंग की गई।
7,000 से अधिक लोग हिरासत में
दिल्ली के विभिन्न इलाकों—जैसे जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, बांग्ला साहिब और दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों—से पुलिस ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर हिरासत में लिया। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए प्रमुख चेहरों में कई अन्य विपक्षी दलों के नेता और यूट्यूबर भी शामिल रहे। प्रदर्शन स्थल के आसपास वॉटर कैनन और दंगा रोधी वाहनों को तैनात किया गया है।

विपक्ष और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
इस व्यापक कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार का हनन किया जा रहा है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाना अनिवार्य था।