जगदलपुर। जल स्रोतों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत चपका में एक विशाल स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। ऐतिहासिक मंदिर परिसर के समीप स्थित प्रसिद्ध मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड में जन प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया।

इस स्वच्छता महाअभियान की अगुवाई छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की। उन्होंने खुद हाथों में झाड़ू और सफाई उपकरण थामकर घाट एवं प्राकृतिक जल कुंड की सफाई की। मंत्री कश्यप ने इस दौरान समाज को प्राकृतिक जल संसाधनों और नदियों को स्वच्छ रखने का सशक्त संदेश दिया।
जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नदी तट पर उतरकर सक्रिय रूप से श्रमदान किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- श्रीमती वेदवती कश्यप (अध्यक्ष, जिला पंचायत बस्तर)
- श्री दिनेश कश्यप (अध्यक्ष, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक)
- श्री संतोष बघेल (अध्यक्ष, जनपद पंचायत बस्तर)
- श्री निर्देश दीवान (सदस्य, जिला पंचायत)
पावन स्थल को मिला नया स्वरूप
श्रमदान के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से मारकंडी नदी तट, प्राकृतिक जल कुंड तथा ऐतिहासिक मंदिर परिसर के आसपास फैले प्लास्टिक, सूखे पत्तों और जलीय अपशिष्ट (कचरे) को पूरी तरह हटा दिया गया। सामूहिक प्रयासों से इस पावन स्थल का परिवेश स्वच्छ और निर्मल नजर आने लगा।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थलों, नदियों और जल कुंडों को स्वच्छ रखना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य है।
ग्रामीणों और प्रशासन की एकजुटता
स्वच्छता के इस वृहद कार्य में विकास विस्तार अधिकारी चंद्रशेखर जैन, ग्राम पंचायत चपका की सरपंच श्रीमती पीलीबाई कश्यप, पंचायत सचिव, स्वच्छ भारत मिशन की टीम तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अपने क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोतों को हमेशा स्वच्छ, निर्मल और प्रदुषण मुक्त बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
