डेस्क । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और चर्चित झीरम घाटी हमले के मामले में कानूनी प्रक्रिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। जगदलपुर स्थित विशेष एनआईए (NIA) अदालत द्वारा मामले में 10 आरोपियों को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाए जाने के बाद, अब बचाव पक्ष ने इस फैसले को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में चुनौती दे दी है।
बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने जानकारी दी कि उन्होंने मामले के सभी दोषियों के परिजनों से विचार-विमर्श करने के उपरांत बिलासपुर हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील अर्जी दायर कर दी है। याचिका दाखिल किए जाने के बाद अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी होने का इंतजार है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एनआईए की विशेष अदालत ने झीरम घाटी हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। एनआईए कोर्ट के इस सख्त फैसले को अब चुनौती देते हुए बचाव पक्ष ने अपील दायर की है। बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में तर्क प्रस्तुत कर निचली अदालत के फैसले की समीक्षा और राहत की मांग की जाएगी।
मामले में हाईकोर्ट द्वारा अपील स्वीकार किए जाने और नोटिस जारी होने के बाद आगे की कानूनी बहस और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।