डेस्क । छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन के ठीक पहले यात्री बस किराए में हुई भारी बढ़ोतरी ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। राज्य सरकार द्वारा बस किराए में 40% तक की मंजूरी दिए जाने के निर्णय के बाद से राजनीतिक दलों और आम जनता के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। खासकर बस्तर जैसे संभाग, जहां यातायात के सीमित साधन हैं, वहां इस फैसले को जनता पर एक बड़े आर्थिक बोझ के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस का तीखा हमला: “त्योहार के समय जनता के लिए आफत बनी सरकार”
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जावेद खान ने इस फैसले को लेकर राज्य की विष्णु देव साय सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। एक तीखी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने इस निर्णय को “अमानवीय” और “जनता के लिए आफत” करार दिया है।
जावेद खान ने अपने बयान में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
- बस्तर संभाग की उपेक्षा और परिवहन का संकट: बस्तर अंचल में आम आदमी के लिए यात्रा का एकमात्र मुख्य साधन यात्री बसें ही हैं। यहां न तो पर्याप्त रेल सुविधाएं हैं और न ही हवाई सेवाओं का सुलभ प्रबंध। ऐसे में किराया बढ़ाना क्षेत्र की जनता के लिए दोहरी मार है।
- त्योहारी सीजन में झटका: ठीक दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर जब लोग अपने घरों और परिजनों के पास जाने की तैयारी करते हैं, तब किराए में यह वृद्धि आम नागरिकों की खुशियों पर पानी फेरने जैसी है।
- महंगाई से त्रस्त जनता: पहले से ही आसमान छूती महंगाई से परेशान आम जनता के लिए यह बेतहाशा बढ़ोतरी सहन करना मुश्किल हो रहा है।
क्या हैं नई किराए की दरें?
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी इस नई व्यवस्था के तहत किराए की रूपरेखा कुछ इस प्रकार सामने आई है:
- साधारण बसें: शुरुआती 5 किलोमीटर के लिए 10 रुपये, और उसके बाद प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये की दर तय की गई है।
- डीलक्स और एसी बसें: शुरुआती 5 किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपये की दर से किराया वसूले जाने की बात कही जा रही है।
सरकार पर लगे गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि सरकार आम छत्तीसगढ़ियों के हितों के बजाय कथित तौर पर धन्ना सेठों और बस मालिकों के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के फैसले सरकार के संवेदनहीन रवैये को उजागर करते हैं।
कांग्रेस की मुख्य मांग
जावेद खान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि:
- यात्री बस किराए में की गई बढ़ोतरी के फैसले पर पुनः विचार किया जाए।
- त्योहारी सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर की जनता को राहत दी जाए।
- बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।