जगदलपुर । बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से बस्तर संभाग में अनवरत जारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बुधवार से जारी मूसलाधार बारिश और उफनते नदी-नालों के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासनिक अमले और आपदा बचाव दलों ने नदी बोड़ना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित बाहर निकालते हुए ग्राम पंचायत भवन में बनाए गए अस्थाई शिविर में पहुंचाया। साथ ही तोकापाल के घाट धनोरा से भी 25 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि ग्राम पलवा और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र के निचले रिहायशी स्थलों में पानी भरने के बाद वहां के प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थलों और पंचायत भवनों में शिफ्ट कर दिया गया है
मूसलाधार बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और सुरक्षा मानकों के तहत ओडीसा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन तथा मुरान बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अपनी सतर्कता और गश्त और तेज कर दी है। इसके साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें और उफनते नदी-नालों या जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं। हालात पर ध्यान रखकर बचाव दल हर संवेदनशील क्षेत्र में लगातार डटे हुए हैं।
लगातार बारिश ने जहा निचली बस्तियों में बाड़ के हालात पैदा कर दिए है वही शहर के हालात भी बत्तर होते जा रहे है ऐसे में आने वाले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण होने वाले है …
साथ ही लगातार बारिश से आस पास की सड़कें भी जलमग्न हो गई है ऐसे में बस्तर टापू में तब्दील हो चुका है और राजधानी रायपुर समेत आने शहरों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है और बसों के पहिये थम गई है….






