जगदलपुर: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर पूरे देश के साथ-साथ जगदलपुर में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा भव्य जश्न की तैयारियां की जा रही थीं। इसी कड़ी में ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर के सामने दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने के लिए प्रदेश के गृह मंत्री और वन मंत्री भी विशेष रूप से पहुंचे थे।

कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन का कड़ा विरोध शुरू कर दिया।
कांग्रेस के विरोध का कारण
- आम श्रद्धालुओं की असुविधा: कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जन्मदिन का जश्न मनाना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए मंदिर में आम लोगों और श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाना पूरी तरह अनुचित है।
- छोटे व्यापारियों का नुकसान: विरोध जता रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि दीपोत्सव और ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर कार्यक्रम स्थल के आसपास से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को जबरन हटाया गया, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हुआ।
नारेबाजी के बीच बढ़ा विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भी मौके पर एकत्रित हो गए। देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और स्थिति काफी उग्र हो गई। दोनों पक्षों की ओर से जोरदार नारेबाजी के बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई। कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और एक-दूसरे पर जूते-चप्पल चलाए गए।
घटनास्थल पर अचानक बिगड़ते हालात को देखकर मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग किया और समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।