डेस्क । एक बेहद चौंकाने वाला और पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला मामला सामने आया है। कैदी को पेशी या शिफ्टिंग के लिए ले जाने वाले छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जिम्मेवार जवान अपनी ही सुरक्षा और कर्तव्यों को भूलकर शराब के नशे में इस कदर धुत मिले कि वे सड़क पर अचेत अवस्था में पड़े रहे। इतना ही नहीं, उनके पास मौजूद बेहद संवेदनशील हथियार इंसास राइफल (INSAS Rifle) को भी उन्होंने लावारिस हालत में छोड़ दिया था।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक (Constable) को दुर्ग से एक कैदी को सुरक्षित अंबिकापुर जेल में शिफ्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कैदी को सुपुर्द करने के बाद वापसी या ठहराव के दौरान दोनों पुलिसकर्मी नशे की लत में इतने चूर हो गए कि वे शहर के व्यस्त प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास नशे की हालत में चित पड़े नजर आए।

सबसे डरावनी बात यह रही कि उनकी सुरक्षा में दी गई सरकारी इंसास राइफल भी उनके पास ही लावारिस हालत में पड़ी हुई थी। हथियार की इस तरह की बेकद्री और सार्वजनिक स्थल पर पुलिसकर्मियों की इस हरकत को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
सार्वजनिक स्थल पर वर्दी की ऐसी दुर्दशा और लावारिस हथियार देख स्थानीय लोगों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए इसकी सूचना बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए सबसे पहले लावारिस पड़ी इंसास राइफल को अपने कब्जे में सुरक्षित लिया। इसके बाद दोनों नशे में धुत पुलिसकर्मियों को भी हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया कड़ा संज्ञान
मामले की गंभीरता और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसे तुरंत अपने संज्ञान में लिया है। वर्दी और सरकारी हथियार की गरिमा को ठेס पहुँचाने वाले इस कृत्य के बाद दोनों पुलिसकर्मियों पर भारी विभागीय गाज गिरनी तय मानी जा रही है। प्रारंभिक तौर पर दोनों को निलंबित किए जाने और विभागीय जांच बैठाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निष्कर्ष: पुलिस बल, जिसकी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की रक्षा करने की है, यदि खुद इस तरह नियमों को ताक पर रख दे तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। इस घटना ने एक बार फिर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता और शराबखोरी के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है।