डेस्क । एक बेहद दहला देने वाली और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पिछले सात वर्षों से घिनौने जुल्म का शिकार हो रही थी। आरोप है कि पति सहित दो जेठ और दो देवर ने मिलकर इस अवधि में उसके साथ लगातार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस अमानवीयता और खौफ के साए में वह बेबस महिला वर्षों तक घुट-घुटकर यह अत्याचार सहने को मजबूर थी।
इस तरह हुआ सनसनीखेज खुलासे का कारण
इस काले सच का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में आरोपी पति ने महिला के साथ बेहरहमी से मारपीट की और उसे घर के एक कमरे में दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान महिला पर हो रहे अत्याचारों की भनक गांव के सरपंच प्रतिनिधि को लगी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत महिला सुरक्षा के लिए बने टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर इसकी सूचना दी।
सखी सेंटर की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही बलौदा बाजार स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आए और तत्काल पुलिस बल के सहयोग से संबंधित गांव पहुंचे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिला का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। शारीरिक और मानसिक रूप से टूटी हुई पीड़िता को फौरन प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल बलौदा बाजार में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

कानून और समाज के लिए गंभीर सवाल
यह घटना न सिर्फ पारिवारिक रिश्तों को कलंकित करती है, बल्कि हमारे समाज की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक गंभीर सवालिया निशान लगाती है कि कैसे अपनों ने ही एक महिला की जिंदगी को सात साल तक नर्क बनाए रखा। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।