डेस्क । शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पवित्र अवसर पर जहाँ एक ओर माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूँज रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सेवा की मिसालें भी पेश की जा रही हैं। इसी कड़ी में जगदलपुर के तितली गार्डन, पंडरीपानी में अभिषेक राव एवं केवीआर ब्रदर्स द्वारा नौ दिवसीय पदयात्री सेवा केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया है।

इस सेवा केंद्र का उद्घाटन बस्तर के लोकप्रिय सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, और बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स के श्याम सोमानी के करकमलों द्वारा माँ दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं के लिए समर्पित व्यापक सुविधाएँ
माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से आने वाले पदयात्रियों और भक्तों की सुख-सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए इस सेवा केंद्र में कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएँ की गई हैं:
- पेयजल व्यवस्था: पदयात्रियों के लिए शुद्ध और शीतल जल की निरंतर व्यवस्था।
- व्रतधारियों के लिए फलाहार: नवरात्रि के व्रत रखने वाले भक्तों के लिए विशेष फलाहार।
- स्वास्थ्य सेवा: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) और आवश्यक दवाइयों का प्रबंध।
- विश्राम और विशेष व्यवस्था: माता के दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों के बैठने के लिए आरामदायक व्यवस्था।
- भंडारा: भक्तों के महाप्रसाद और भंडारे का भव्य आयोजन।
अतिथियों ने सराहा सेवा कार्य
उद्घाटन समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथियों ने इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि के दौरान इस प्रकार का पदयात्री सेवा केंद्र संचालित करना एक अत्यंत सराहनीय और पुण्य का कार्य है। इससे विशेषकर उन भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबी पदयात्रा कर माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।

समर्पित टीम का योगदान
इस नौ दिवसीय महाभियान को सफल बनाने में आयोजकों और उनकी पूरी टीम ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिषेक राव, केवीआर ब्रदर्स, श्रीधर मद्दी, रघुवंश यादव, रीतेश सविती, वासुदेव राव, केशव राव, गावस्कर राव, राजू राव, श्री हनुमंत राव, मद्दी सप्तगिरि, अनिल, अजित सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित होकर इस सेवा कार्य का हिस्सा बनीं।

यह पहल बस्तर अंचल में आपसी सहयोग, भाईचारे और लोकसेवा की एक बेहतरीन मिसाल पेश करती है, जो नौ दिनों तक भक्तों की सेवा में समर्पित रहेगी।