जगदलपुर। बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्यों से दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में वापस लौट रहे प्रवासित परिवारों के पुनर्वास की प्रगति की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माओवाद मुक्त बस्तर में अपने मूल गांवों की ओर लौट रहे परिवारों का पुनर्वास संवेदनशीलता और सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के प्रमुख बिंदु एवं निर्देश:
- जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना:
- पात्र परिवारों को शासन की 31 व्यक्ति-मूलक और 14 सामुदायिक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
- लौटने वाले परिवारों को आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी।
- ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित सर्वे और बैठकें:
- संबंधित ग्राम पंचायतों में नियमित शिविर आयोजित कर वापस लौटने वाले परिवारों का अद्यतन सर्वे किया जाए।
- गांवों में बैठकें आयोजित कर मांझी-मुखिया, समाज प्रमुख, पटेल-कोटवार, गायता-पुजारी, पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों से चर्चा कर विस्तृत जानकारी जुटाई जाए।
- व्यापक प्रचार-प्रसार और सूचना तंत्र:
- शासन के पुनर्वास प्रयासों की जानकारी देने के लिए प्रिंट मीडिया, ग्राम पंचायतों में सूचना/सूची चस्पा करने और कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए।
- राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को सर्वे हेतु क्षेत्र भ्रमण का रोस्टर बनाकर नियमित कार्यवाही करने को कहा गया।
बैठक की उपस्थिति:
इस वर्चुअल समीक्षा बैठक में दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले के अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
