डेस्क । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में ‘लाल सलाम’ के नाम पर सामने आई धमकी और आगजनी की हालिया घटनाओं ने एक बार फिर स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजापुर जिले में जहां एक सरपंच समेत तीन ग्रामीणों को चेतावनी भरा पर्चा मिला है, वहीं अंतागढ़ के चेमल माइंस में असामाजिक तत्वों ने तीन भारी मशीनों को आग के हवाले कर दिया।
बीजापुर: सीआरपीएफ कैंप के पास मिला धमकी भरा पर्चा
पहला मामला बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक स्थित मुर्दोंडा-बासागुड़ा मार्ग का है, जहां भारी सुरक्षा वाले सीआरपीएफ कैंप के पास एक धमकी भरा पर्चा मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पर्चे में गांव के सरपंच नारायण काका, कचलम नारायण और जयमूर्ति चापड़ी के नामों का जिक्र करते हुए उन्हें स्कूल निर्माण कार्य से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस तफ्तीश में प्राथमिक रूप से यह बात निकलकर सामने आई है कि घटना के पीछे कोई बड़ा नक्सली नेटवर्क नहीं, बल्कि आपसी रंजिश और जमीन से जुड़ा विवाद मुख्य वजह है। पुलिस ने मामले में प्रयुक्त प्रिंटर को जब्त कर संबंधित दुकान को सील कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के अनुसार, हालांकि यह व्यक्तिगत विवाद का मामला लगता है, फिर भी खौफ पैदा करने की नीयत से पर्चा जारी करने के कारण इसमें नक्सल गतिविधियों से जुड़ी सख्त धाराएं जोड़ी जाएंगी।
अंतागढ़: चेमल माइंस में तीन मशीनों में आगजनी
दूसरी घटना अंतागढ़ क्षेत्र के दुर्गुकोंदल ब्लॉक स्थित चेमल के पुष्प स्टील माइंस की है। यहाँ अज्ञात तत्वों ने खदान में खड़ी तीन चैन माउंट (उत्खनन) मशीनों को आग के हवाले कर दिया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। वारदात के स्थान से दो पर्चे भी बरामद किए गए हैं, जिनमें माइंस का संचालन बंद न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है। पुलिस फिलहाल इस मामले में नक्सली संलिप्तता और स्थानीय असामाजिक तत्वों—दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है।
सरकार का रुख: जांच के बाद होगी स्थिति साफ
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं पर राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। डिप्टी सीएम ने भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी तत्परता से दोनों मामलों की पड़ताल कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
बस्तर में ‘लाल सलाम’ के नाम का सहारा लेकर व्यक्तिगत दुश्मनी भुनाने और विकास कार्यों में बाधा डालने के इन नए हथकंडों ने पुलिस प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।
