डेस्क । भारतीय खेल जगत के लिए छत्तीसगढ़ की माटी ने एक बार फिर गर्व का क्षण रचा है। भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने जूनियर एशिया कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से मात देकर लगातार तीसरी बार खिताब पर अपना कब्जा जमाया। इस ऐतिहासिक और स्वर्णिम जीत के पीछे छत्तीसगढ़ की दो होनहार बेटियों—गीता यादव और मधु सिदार—का अविश्वसनीय और शानदार प्रदर्शन रहा।


टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत, वर्ल्ड कप का टिकट किया पक्का
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा और टीम एक भी मुकाबला गंवाए बिना अजेय (Undefeated) रहकर चैंपियन बनी। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने 2027 जूनियर महिला हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
मधु सिदार का शानदार प्रदर्शन: पाकिस्तान और नॉर्थ कोरिया के खिलाफ दागे गोल
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की रहने वाली मधु सिदार ने इस टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक खेल शैली से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 4 शानदार गोल किए:
- पाकिस्तान के खिलाफ: 2 गोल
- नॉर्थ कोरिया के खिलाफ: 2 गोल
मैदान पर उनके इस सटीक प्रदर्शन ने भारतीय टीम को खिताबी जीत तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गृह ग्राम चीड़ोरा में भव्य स्वागत: ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया जश्न
एशिया कप का खिताब जीतकर जब जशपुर की बेटी मधु सिदार अपने गृह ग्राम चीड़ोरा पहुँचीं, तो पूरा क्षेत्र जश्न के माहौल में डूब गया। कांसाबेल चौक पर जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी लाडली का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया।
कांसाबेल में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:
- सालिक साय (अध्यक्ष, जिला पंचायत)
- वाल्टर कुजूर (अध्यक्ष, जशपुर हॉकी टीम)
- संतोष चौधरी (उपाध्यक्ष, जशपुर हॉकी टीम)
- मधु सिदार के माता-पिता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण
अगला लक्ष्य: ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व
अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए मधु सिदार ने अपने भावी लक्ष्यों के बारे में बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एशिया कप की जीत तो बस शुरुआत है, उनका असली सपना ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वे अभी से ही कड़ा अभ्यास और तैयारी शुरू कर रही हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए बनीं प्रेरणा
गीता यादव और मधु सिदार की इस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य में एक नया उत्साह भर दिया है। सीमित संसाधनों से निकलकर वैश्विक मंच पर देश का परचम लहराने की इन बेटियों की कहानी प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को खेलों के प्रति नई दिशा और उम्मीद देने का काम करेगी।